February 16, 2017

कुछ फूल बैंगनी

इस दुनिया में
ये कितनी अच्छी बात है
कि जिसे हम चाहते हैं,
उसे आवाज़ भी नहीं दे सकते।

वरना एक रोज़ सब ख़त्म हो जाता।
• * *

अगर हमें न मिलते घटिया अध्यापक
तो कोर्स की किताबों के सिवा कुछ नहीं सीख सकते थे हम।
• * *

कभी कभी हम सोचते हैं
कि यही सब मुमकिन है।

वो सोचता क्या, चाहता क्या और करता क्या है
ये कभी सोचा नहीं जा सकता।
• * *

कुछ फूल बैंगनी
और संकेत विदा का।

इतनी भर ज़िन्दगी।
• * *

छीजने की आहट

मन एक तमाशा है  जो अपने प्रिय जादूगर का इंतज़ार करता है। शाम से बालकनी में बैठे हुए सुनाई पड़ता है। तुम कितने कोमल हो सकते हो? खुद से पूछने पर...

Hathkadh । हथकढ़

हथकढ़, कच्ची शराब को कहते हैं. कच्ची शराब एक विचार की तरह है. जिसका राज्य तिरस्कार करता है. इसे अपराध की श्रेणी में रखता है. राज्य अपने जड़ होते विचारों के साथ जीने की शर्तें लागू करता है. मेरे पास विचार व्यक्त करने का कोई अनुज्ञापत्र नहीं है. इस ब्लॉग पर जो लिखता हूँ, वह एकदम कच्चा और अनधिकृत है. मेरे लिए ये नमक का कानून तोड़ने जितना ही अवैध है.