March 15, 2017

अनुत्तरित प्रश्न

अतीत को सूंघते हाथी
ठहर जाते हैं वर्तमान में.

बुझी-बुझी रेखाओं में
संताप, शोक और शांति.

सूंड उठाकर
बारम्बार
हाथी पूछते हैं
अनुत्तरित प्रश्न.

मैं क्या हूँ ?
क्या मैं हूँ?

चींटियाँ बनाती जाती हैं, नई लकीरें
समय उनको ढकता रहता है धूल से.
* * *

सर्द रात

एक सस्ती सराय के कमरे में रात दूसरा पहर ढल गया था। मेज़ पर मूंगफली और निचुड़े नींबू पड़े थे, वह सो चुका था।  लिफाह बेहद ठंडा था। ओलों के गिरने ...

Hathkadh । हथकढ़

हथकढ़, कच्ची शराब को कहते हैं. कच्ची शराब एक विचार की तरह है. जिसका राज्य तिरस्कार करता है. इसे अपराध की श्रेणी में रखता है. राज्य अपने जड़ होते विचारों के साथ जीने की शर्तें लागू करता है. मेरे पास विचार व्यक्त करने का कोई अनुज्ञापत्र नहीं है. इस ब्लॉग पर जो लिखता हूँ, वह एकदम कच्चा और अनधिकृत है. मेरे लिए ये नमक का कानून तोड़ने जितना ही अवैध है.