May 3, 2020

तुम्हारी परछाई भर देखने को

तुम्हारे बारे में सोचते हुए

मैं सो गया
और मैंने स्वप्न में तुमको देखा।
अगर मैं जानता
कि ये एक स्वप्न होगा
तो मैं कभी नहीं जागता।
ओनो नो कोमाची [825 - 900]
अगर मैं जानता
कि तुमको आना नहीं है
मैं कब का सो चुका होता
लेकिन अब बहुत रात हो चुकी है।
मैं चाँद को देखता हूँ
ढलते हुए।
एकाजोमे इमोन [956 - 1041]
अकस्मात
तुम्हारी परछाई भर देखने को
मैं कितनी ही बार गुज़रा
तुम्हारे घर के दरवाज़े के आगे से।
हिगुची इचियो [1872 -1896]
कितने हज़ार बरस पीछे तक मैं तुमको ऐसे ही प्यार करता रहा हूँ।
अपने प्रेम के निशान खोजने के लिए मैं बहुत पीछे के सफ़र में निकल जाता हूँ। ईसा के बाद से ईसा के पहले तक के हिसाब में मैंने हर कविता में ख़ुद को तुम्हारे इंतज़ार में बैठा पाया है।
सोचता हूँ कि इस सब से पहले की वे कविताएं जो पाषाणों पर लिखी गई, गुफाओं में उकेरी गई हैं अगर कहीं मिल जाएगी तो वहां भी मैं तुम्हारे प्रेम में खोया मिलूंगा।
मालती के फूलों की तस्वीर लेने में खोया हुआ था कि गुलाब के काँटों ने बाँह पर चूम लिया है। एक गिलहरी तस्वीर लेते देख रही है। जैसे जानना चाहती हो कि मैं इन फूलों को अपने दांतों से कुतरना नहीं चाहूंगा तो क्या करूँगा।
गिलहरी को क्या पता कि तुम्हारे अधपके बालों में ये फूल कितने सुंदर दिखेंगे।

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हथकढ़, कच्ची शराब को कहते हैं. कच्ची शराब एक विचार की तरह है. जिसका राज्य तिरस्कार करता है. इसे अपराध की श्रेणी में रखता है. राज्य अपने जड़ होते विचारों के साथ जीने की शर्तें लागू करता है. मेरे पास विचार व्यक्त करने का कोई अनुज्ञापत्र नहीं है. इस ब्लॉग पर जो लिखता हूँ, वह एकदम कच्चा और अनधिकृत है. मेरे लिए ये नमक का कानून तोड़ने जितना ही अवैध है.