June 4, 2021

इस तिलिस्म में

शैतान की प्रेमिका पूछ रही थी तुम मुझको कितना याद करते हो। ठीक उस वक़्त रेगिस्तान की सोनल घास के कान में हवा फूंक रही थी सरगोशी सुनो जानाँ, सुनो जानाँ, सुनो जानाँ। * * *

शैतान की प्रेमिका ने कहा
तुमको बहुत दूर चलकर आना होगा
मुझे छूने के लिए।
शैतान, स्वर्ग से धकेले जाने के बाद
धरती की ओर गिरते हुए
बस यही तो सोच रहा था कि कहाँ जाऊंगा?
* * *
शैतान की प्रेमिका ने कहा
ये तूफ़ान मेरे भीतर से उठता है
तुम्हारे भीतर थमता है
और इसके इतर कुछ नहीं है।
शैतान ने हवस को एक ओर रखा
हवादिस से कहा चुप बैठो
ऐसी बात मैं फिर कब सुनूंगा।
* * *
उसे किसी बात को ढकना न आया
कि शैतान बहुत नंगा था।
रेगिस्तान की रात में चमकते पूरे चाँद की तरह।
* * *
उस वक़्त रात के ढाई बजे थे।
शैतान ने सोचा कि
वह कब इतनी देर तक जगा था
वह भी तो अब से पहले किसलिए जगी होगी।
* * *
तुम मारे जाओगे इस तिलिस्म में
मैं बहुत अधिक हूँ
शैतान की प्रेमिका ने कहा।
शैतान ने महसूस किया
दिल पर बर्फ गिर रही है, उसके बोसे गर्म हैं।
* * *
शैतान अजीर्ण हवस था
शैतान की प्रेमिका मुक्ति।
शुक्रिया।
* * *

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Hathkadh । हथकढ़

हथकढ़, कच्ची शराब को कहते हैं. कच्ची शराब एक विचार की तरह है. जिसका राज्य तिरस्कार करता है. इसे अपराध की श्रेणी में रखता है. राज्य अपने जड़ होते विचारों के साथ जीने की शर्तें लागू करता है. मेरे पास विचार व्यक्त करने का कोई अनुज्ञापत्र नहीं है. इस ब्लॉग पर जो लिखता हूँ, वह एकदम कच्चा और अनधिकृत है. मेरे लिए ये नमक का कानून तोड़ने जितना ही अवैध है.