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लगा लो होठों से

पार्टनर तुम आबाद रहो.

एक जुगलबंदी को

कासे में भरा अँधेरा

चल दिए सब चारागर

जाने किसी और बात की

केसी, क्या हो तुम?

दिल उदास तो नहीं मगर

तुम पुकारना

इसलिए ऐसे ही

ठीक तुम्हारे पीछे - मानव की कहानियां