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बातें करने का स्वप्न

तुम्हारे होते हुए भी तुम्हारा न होना

ख़ुशी की गोली

ओ शैदाई !

ऊधो, मन माने की बात

भीगे सलवटों भरे बिस्तर

चाहना की प्रतिध्वनि

जो तुम नहीं हो

क्या सचमुच !

नष्ट होती चीज़ों के प्रति

फूल को चूमकर उड़ जाना