Posts

Latest Posts

तीन रातें और चार दिन की ज़िंदगी

कविता कोई रेलगाड़ी है

और फिर हताशा में घर चले जाएँ

एक चुटकी उदासी - अनुमिता

जीवन अलग रूपों में

तुम्हारी आँखों में डूबता हूँ।

भ्रम है कि कुछ

तुम एक तत्व हो

अर्ध राजनीतिक कविताएँ

अविनाशी प्रेम

आपके पास साइकिल है?