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Showing posts from January, 2023

कोई क्या ही जानता है

औंधे पड़े ताश के पत्ते

गिरजे का अकेलापन

अलीजा की उनींदी आंख से गिरा लम्हा - दो

विष के मद से भरी सांसें

सूने स्टेशन पर रेलकोच

दही बड़े