April 14, 2014

एक साबुत रुदन कितना होता है?

समयमापी की एक टिक के बीच का फासला कितना होता है?

बेआवाज़ हल्का स्याह, तेज़ उजला, धूसर मटमैला, सिंदूरी या उदित गुलाबी रंग का बढता हुआ कुछ, जो गुज़रता है बिना छुए. जिसके साथ खिलता है फूल और जिसकी जद में बिखरती है फूल की एक एक पंखुड़ी. एक साँस से दूसरी के बीच का फासला उससे अलग होता है जितना कि एक टिक के बीच का फासला होता है.

जो बनाता है उसका मिटाना कितना होता है?

मेरा मन कच्ची शराब का कारखाना है. तेज़ गंध वाली, तीखी और गले की नसों को चीरने की तरह चूमती हुई उतरती शराब बुनता है. ये शराब उदासी के सीले रूई पर तेज़ाब की तरह गिरती है. एक धुआँ सा उठता है. इस कोरे ख़याल में मन खो जाता है कि उदासी खत्म हो रही है. जल रहा है सब कुछ जो ठहरा हुआ और भारी था. जिसके बोझ तले सांस नहीं आती थी.

एक जादूगर के पास अपने दुखों के लिए कितना उपचार होता है?

मेरा मन एक जादूगर का थैला है. मैं उसमें से शराबी खरगोश निकालता हूँ. शराबी खरगोश के फर से बन जाती है एक नन्ही बुगची. उसमें रखा जा सकता है इस भुलावे को कि खरगोश ज़िंदा है. उसी में से निकालता हूँ एक भालू का नाखून. जंगल के सारे पेड़ खरोंच कर जो बच गया है मेरे मन पर लकीरें खींचने को. ऐसी लकीरें जैसी कि शल्क उतरी मछली की सुन्दर गुलाबी देह होती है. भालू का नाखून एक आखिरी लड़ाई का हौसला देता है. जैसे कि किसी दिन तय किया जा सके कि ये आखिरी प्रेम है.

एक तड़प, एक गहरी डूबी आह, एक साबुत रुदन कितना होता है?

इस सुबह देखो मेरी अद्वितीय मुस्कान जैसे किसी मुस्कुराते हुए बारहसिंगा की गर्दन काट ली हो उस तेज़ शातिर धार से कि वह भूल गया हो आखिरी बार कि तड़प के भाव चेहरे पर लाना. उसकी आँखें और मुस्कान, आगत दर्द को व्यक्त करने से पहले ही ठहर गई हो. अक्षुण और अजर स्थिति. एक सुन्दर दीवार पर अनश्वर सौंदर्य का प्रतीक.

मुस्कुराता है पदरज का सबसे छोटा कण. जिसे एक बूढ़े दोस्त ने प्यार से पहली बार पुकारा तो कहा था ओह केसी आई लव यू.

सर्द रात

एक सस्ती सराय के कमरे में रात दूसरा पहर ढल गया था। मेज़ पर मूंगफली और निचुड़े नींबू पड़े थे, वह सो चुका था।  लिफाह बेहद ठंडा था। ओलों के गिरने ...

Hathkadh । हथकढ़

हथकढ़, कच्ची शराब को कहते हैं. कच्ची शराब एक विचार की तरह है. जिसका राज्य तिरस्कार करता है. इसे अपराध की श्रेणी में रखता है. राज्य अपने जड़ होते विचारों के साथ जीने की शर्तें लागू करता है. मेरे पास विचार व्यक्त करने का कोई अनुज्ञापत्र नहीं है. इस ब्लॉग पर जो लिखता हूँ, वह एकदम कच्चा और अनधिकृत है. मेरे लिए ये नमक का कानून तोड़ने जितना ही अवैध है.