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याद की पगडंडियाँ और सुख

ये जो आंसू अभी टपक पड़ा है, ये क्या है?

इस दुनिया का अकेला नागरिक

एक साबुत रुदन कितना होता है?

ताबीर है जिसकी हसरत ओ ग़म

पपहिया प्यारा रे

मौत से पहले आदमी ग़म से निजात पाए क्यों.