November 21, 2012

रात का एक बजा है

भविष्यवाणी के अनुसार
रुक गए बाज़ीगर के हाथ
गुरुत्वाकर्षण के खिलाफ़ हवा में स्थिर हो गयी
काले और सफ़ेद रंग की गेंदे।
समय की परिधि के किसी कोने पर
वक़्त के हिसाब से रात का एक बजा था।

इस ठहरे हुये ऐंद्रजाल में
पाँवों ने पहनी पुरानी चप्पल
अंगुलियों ने अंधेरे में अलमारी से हटाये जाले।
आँखों ने शब्दकोश से झाड़ी धूल
दिमाग ने पढे प्रेम, चुंबन, आलिंगन के अर्थ।

दिल धड़कता रहा कि
विस्मृति की धूल में ढक जाने तक के लिए
उसके नाम का पहला अक्षर
परिधि के पास से गुज़र रहा है, बार बार।

रात का एक बजा है, जाने कब तक के लिए।
* * *

सर्द रात

एक सस्ती सराय के कमरे में रात दूसरा पहर ढल गया था। मेज़ पर मूंगफली और निचुड़े नींबू पड़े थे, वह सो चुका था।  लिफाह बेहद ठंडा था। ओलों के गिरने ...

Hathkadh । हथकढ़

हथकढ़, कच्ची शराब को कहते हैं. कच्ची शराब एक विचार की तरह है. जिसका राज्य तिरस्कार करता है. इसे अपराध की श्रेणी में रखता है. राज्य अपने जड़ होते विचारों के साथ जीने की शर्तें लागू करता है. मेरे पास विचार व्यक्त करने का कोई अनुज्ञापत्र नहीं है. इस ब्लॉग पर जो लिखता हूँ, वह एकदम कच्चा और अनधिकृत है. मेरे लिए ये नमक का कानून तोड़ने जितना ही अवैध है.