February 14, 2019

प्रेम दिवस पर एक दुआ

वो टाई बांधती है और खींच लेती है 
ये कैसे वक़्त उसे प्यार की पड़ी हुई है।
~आमिर अमीर

यूँ कब तक बेरोज़गार फिरोगे। दुआ कि तुम प्यार में पड़ जाओ। हर घड़ी कोई काम तो रहे कि सन्देशा आएगा, कॉल आएगा। मन घबराया रहे कि कोई मैसेज देख न ले, किसका कॉल है कोई पूछ न ले। घर के ओनेकोने में, दफ्तर के सूने गलियारों में कभी बाज़ार के बहाने किसी खाली जगह पर जाकर जल्दबाज़ी के कॉल करेंगे। बातों-बातों में तय कर लेंगे कि कभी मिलेंगे, चूम लेंगे, कहीं बहुत दूर तक घूमने जाएंगे। और फिर ख़ुश होंगे, इंतज़ार करेंगे, उदास रहेंगे, आंसू बहाएंगे, कोसने भेजेंगे। इस तरह कुछ बरस तेज़ी से कबाड़ किए जा सकेंगे। लेकिन ये सब बेकार न जाएगा। कभी दारू पी लेने पर कह उठेंगे "यार थी तो बड़ी बरबादी मगर अच्छी थी।"


आमीन। 😍😘

सर्द रात

एक सस्ती सराय के कमरे में रात दूसरा पहर ढल गया था। मेज़ पर मूंगफली और निचुड़े नींबू पड़े थे, वह सो चुका था।  लिफाह बेहद ठंडा था। ओलों के गिरने ...

Hathkadh । हथकढ़

हथकढ़, कच्ची शराब को कहते हैं. कच्ची शराब एक विचार की तरह है. जिसका राज्य तिरस्कार करता है. इसे अपराध की श्रेणी में रखता है. राज्य अपने जड़ होते विचारों के साथ जीने की शर्तें लागू करता है. मेरे पास विचार व्यक्त करने का कोई अनुज्ञापत्र नहीं है. इस ब्लॉग पर जो लिखता हूँ, वह एकदम कच्चा और अनधिकृत है. मेरे लिए ये नमक का कानून तोड़ने जितना ही अवैध है.