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नष्ट होती चीज़ों के प्रति

फूल को चूमकर उड़ जाना

अचम्भे की बरत की तरह

प्रेम करने के ख़याल की ख़ब्त

यादों की सुरंगें

असल में कुछ नहीं हूँ मैं

ख़यालों के अंडरपास

बस एक बार के लिए

हम फिर मिलते हैं

कि कहां तक

बहुत दिनों बाद अनायास