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दिल को ऐतबार न हुआ

दुःख की पावती

कभी प्यार नहीं किया मगर

काली रात उकेरने के लिए

पढ़ते-पढ़ते - मनोज पटेल

बहुत ख़ुश होने पर

कोई भी नहीं लौट सकता

कभी बहुत बड़े आदमी हो जाएंगे

कविता चाहे जैसी करें जगह का ध्यान रखें

हम जाने कहाँ चले गए

हिलारिए कुंभटिये अकेसिया सेनेगल