May 15, 2013

जिजीविषा के आखिरी छोर पर


काँच के प्याले में
आइस क्यूब्स के गिरने की आवाज़ आती है
जैसे तुम्हारा हेयर क्लिप
अंगुलियों से छिटक कर गिर पड़ता है आँगन पर।

और खुल जाता है, जूड़ा याद का।

मैं इस तीज के चाँद को देखते हुये सोचता हूँ
कि एक टूटा हुआ दिल भी थोड़ा सा चमक सकता है रात में
अगर तुम मुड़ कर देख सको उस अंधेरे की तरफ, मैं जहां हूँ।
* * *

उस तरफ नज़र गई जिधर अरसे से एक उदासी थी। खालीपन की उदासी। समय जैसे घूल के रंग में ठहर गया था। अचानक से चटक गए ख्वाब से जागते ही जैसे हम देखने लगते हैं आस पास की चीजों को वैसे मैंने देखा कि रेगिस्तान के पौधों जाल और आक पर नई कलियाँ मुस्कुरा रही थी। गरमी में लोग ठंडी जगहों पर दुबके हुये दिन के बीत जाने की आशा में वक़्त को गुज़र रहे थे। मगर रेगिस्तान के पौधे, नए पत्ते लिए झूमने की तैयारी में थे। ये गर्मी तकलीफ है, ये ही गर्मी नए खिलने का सुख भी है। प्रेम के बारे में सुना है कभी? प्रेम जो सुख और दुख जैसे मामूली अहसासों से परे, जिजीविषा के आखिरी छोर पर पर साबुत चमकता रहता है। वह जो अजीर्ण है। मैंने कहा- तुम रहना। तुमने मुझे इसके बदले वह दिया जो तुम्हारे पास था। किसी के होने कि दुआ करना और उसके प्रेम में होना कोई दो अलग काम नहीं है।

कल सुबह कोई आस पास था। एक सीला मौसम मेरी आँखों में रख कर छुप गया। मैं नम आँखों से देखता रहा कि दुनिया कायम है। समय की दीवड़ी से रिसता हुआ जीवन का पानी सूख रहा था।किसी सदमे का सौदा फिर से सर पर सवार होने को होता है। मैं उठ कर चल देता हूँ। धूप से गरम हुई हवा अपनी गिरहें बुनती रहती है। लू के झौंके आते जाते हैं। मैं सेल फोन लिए हुये छत से पहले माले और वहाँ से ग्राउंड फ्लोर तक के चक्कर काटता रहा हूँ। देखता हूँ कि बदन झुलस रहा है। सोचता हूँ कि ये बदन किस काम का है?

 
[Painting Image Courtesy : Filomena Booth]

सर्द रात

एक सस्ती सराय के कमरे में रात दूसरा पहर ढल गया था। मेज़ पर मूंगफली और निचुड़े नींबू पड़े थे, वह सो चुका था।  लिफाह बेहद ठंडा था। ओलों के गिरने ...

Hathkadh । हथकढ़

हथकढ़, कच्ची शराब को कहते हैं. कच्ची शराब एक विचार की तरह है. जिसका राज्य तिरस्कार करता है. इसे अपराध की श्रेणी में रखता है. राज्य अपने जड़ होते विचारों के साथ जीने की शर्तें लागू करता है. मेरे पास विचार व्यक्त करने का कोई अनुज्ञापत्र नहीं है. इस ब्लॉग पर जो लिखता हूँ, वह एकदम कच्चा और अनधिकृत है. मेरे लिए ये नमक का कानून तोड़ने जितना ही अवैध है.