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आखिर थक कर सो जाओगे

ये मग़रिब से आती हवा न थी...

रात की स्याही से भीगी हवा

फ़िर भी हेप्पी बर्थडे...

अग्नि के आचमन से

किसी ज़ीने पर पुराने दिन बैठे होते...

क़ैदख़ाने में सुंदर पीठ वाली लड़की

मरक़दों पे तो चिरागां है शब-ओ-रोज़

आज की एक रात रुक जाओ...

कोई भुला भी न सके...

ऐ ज़िन्दगी गले लगा ले