Posts

होश कहां होता है, इज़्तराब में...

चाँदनी रात में

जबकि वो उस शहर में नहीं रहती...

आखिर थक कर सो जाओगे

ये मग़रिब से आती हवा न थी...

रात की स्याही से भीगी हवा

फ़िर भी हेप्पी बर्थडे...

अग्नि के आचमन से

किसी ज़ीने पर पुराने दिन बैठे होते...

क़ैदख़ाने में सुंदर पीठ वाली लड़की

मरक़दों पे तो चिरागां है शब-ओ-रोज़