May 6, 2017

एक बेहद पुरानी स्मृति

“कभी ऐसा हुआ कि हवा की आवाज़ में, चिड़ियों के शोर में, चारा काटने की मशीन में, पास से गुज़री मोटरकार की घरघराहट में, दूर कहीं मजदूर की गेंती की चोट में, कहीं भी, किसी भी, कैसी भी आवाज़ में केवल एक ही नाम सुनाई पड़ा हो?”

उसने क्षणांश में कहा- “हाँ”

उसके हाँ के पूरा होने से पहले ही कहा- “फिर सचमुच तुम जानते कि प्रेम होता है तो फिर किस कदर होता है. और शैतान को क्यों सुनाई पड़ता है. शैतान की प्रेमिका, शैतान की प्रेमिका, शैतान की प्रेमिका.”

ये सुनकर क्षणांश में उत्तर देने वाले चेहरे पर एक बेहद पुरानी स्मृति की लम्बी छाया फैल गयी.

सर्द रात

एक सस्ती सराय के कमरे में रात दूसरा पहर ढल गया था। मेज़ पर मूंगफली और निचुड़े नींबू पड़े थे, वह सो चुका था।  लिफाह बेहद ठंडा था। ओलों के गिरने ...

Hathkadh । हथकढ़

हथकढ़, कच्ची शराब को कहते हैं. कच्ची शराब एक विचार की तरह है. जिसका राज्य तिरस्कार करता है. इसे अपराध की श्रेणी में रखता है. राज्य अपने जड़ होते विचारों के साथ जीने की शर्तें लागू करता है. मेरे पास विचार व्यक्त करने का कोई अनुज्ञापत्र नहीं है. इस ब्लॉग पर जो लिखता हूँ, वह एकदम कच्चा और अनधिकृत है. मेरे लिए ये नमक का कानून तोड़ने जितना ही अवैध है.