May 10, 2020

इंतज़ार से भरी सुबहें


 ||तुम्हारे इंतज़ार से भरी सुबहें||

कुर्सी पर सूखे पत्ते पड़े होते
कोई फूल टूटकर पत्तों के आस पास गिरता।
सुबह की हवा में
नीम नींद से भीगा हुआ मैं अलसाया
एक मोढ़े में दुबका रहता।
कभी-कभी मुझे लगता
कि तुमने मेरे पैरों पर चादर डाल दी है।
मैं हड़बड़ा कर उठता
कि तुम चले तो न जाओगे।
हवा के झौंके के साथ सब पत्ते बिखर जाते।

दो सूखे पत्ते नम मिट्टी में

एक रोज़ कोई कोंपल खिली जैसे नज़र फेरते ही किसी ने बटुआ पार कर लिया हो। एक रोज़ उससे मिला। फिर उससे ऐसे बिछड़ा जैसे खाली बटुए को किसी ने उदासी ...

Hathkadh । हथकढ़

हथकढ़, कच्ची शराब को कहते हैं. कच्ची शराब एक विचार की तरह है. जिसका राज्य तिरस्कार करता है. इसे अपराध की श्रेणी में रखता है. राज्य अपने जड़ होते विचारों के साथ जीने की शर्तें लागू करता है. मेरे पास विचार व्यक्त करने का कोई अनुज्ञापत्र नहीं है. इस ब्लॉग पर जो लिखता हूँ, वह एकदम कच्चा और अनधिकृत है. मेरे लिए ये नमक का कानून तोड़ने या खूबसूरत स्त्री को इरादतन चूमने जितना ही अवैध है.