May 29, 2020

दो सूखे पत्ते नम मिट्टी में

एक रोज़ कोई कोंपल खिली जैसे नज़र फेरते ही किसी ने बटुआ पार कर लिया हो।

एक रोज़ उससे मिला। फिर उससे ऐसे बिछड़ा जैसे खाली बटुए को किसी ने उदासी में छोड़ दिया। एक रोज़ मालूम हुआ कि बटुआ नहीं चाहिए था, उसी को चुराना था, जिसका बटुआ था।
एक रोज़ कोई पत्ता दूजे पत्ते के पास इतनी शांति और चुप्पी के साथ गिरा कि आंखें हैरत से भर गई।
मैं अक्सर सोचता हूँ कि हम दो सूखे पत्ते नम मिट्टी में दबे पड़े हैं। हम कभी-कभी मिट्टी से बाहर झांकते हैं और मौसम देखकर दोबारा एक साथ दुबक जाते हैं।
Image may contain: के सी

दो सूखे पत्ते नम मिट्टी में

एक रोज़ कोई कोंपल खिली जैसे नज़र फेरते ही किसी ने बटुआ पार कर लिया हो। एक रोज़ उससे मिला। फिर उससे ऐसे बिछड़ा जैसे खाली बटुए को किसी ने उदासी ...

Hathkadh । हथकढ़

हथकढ़, कच्ची शराब को कहते हैं. कच्ची शराब एक विचार की तरह है. जिसका राज्य तिरस्कार करता है. इसे अपराध की श्रेणी में रखता है. राज्य अपने जड़ होते विचारों के साथ जीने की शर्तें लागू करता है. मेरे पास विचार व्यक्त करने का कोई अनुज्ञापत्र नहीं है. इस ब्लॉग पर जो लिखता हूँ, वह एकदम कच्चा और अनधिकृत है. मेरे लिए ये नमक का कानून तोड़ने या खूबसूरत स्त्री को इरादतन चूमने जितना ही अवैध है.